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विधिपूर्वक लक्ष्मी पूजन से होगी बरकत । Lakshmi puja kaise karen

विधिपूर्वक लक्ष्मी पूजन से होगी बरकत । Lakshmi puja kaise karen


Lakshmi pujan kaise karen.


Lakshmi puja kaise karen. दीपावली पर  लोग अपने घरों की साफई करके, शुद्ध पवित्र होकर रात्रि को विधि-विधान पूर्वक लक्ष्मी का पूजन कर उनको प्रसन्न करने का प्रयत्न करते हैं ।  दीपावली के त्यौहार में लक्ष्मी पूजन इस भावना से किया जाता है कि मां लक्ष्मी प्रसन्न होकर धन का प्रकाश लेकर उनके घर आएं ।

वैसे दीपावली पर्व दीपो का त्यौहार है अर्थात प्रकाश का त्यौहार है । यह प्रतिवर्ष कार्तिक मास की अमावस्या तिथि को मनाया हैं । जो सम्भवत अक्टूबर या नवम्बर माह में आती है । हिन्दू शास्त्रों में लक्ष्मी पूजन का बहुत महत्व है । कहा जाता था कि विधि पूर्वक लक्ष्मी पूजन करने से साल भर धन की देवी लक्ष्मी जी की कृपादृष्टि बनी रहती है । तो आइये जाने शुभ मुहूर्त एवं लक्ष्मी पूजन विधि -

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लक्ष्मी पूजा किस लग्न में की जाती है । Lakshmi puja kis lagna me ki jati hai -


धर्म ग्रंथों में लक्ष्मी पूजन का महत्व प्रदोष काल में शुभ माना गया है। प्रदोष काल सूर्यास्त के बाद तीन घंटे लिया जाता है। वृषभ एवं सिंह लग्न निरयण पद्धती पर आधारित है। 

ज्योतिष गणनाओं के मतानुसार पूजा के लिए स्थिर लग्नों का चयन जरूरी है। व्यापारी वर्ग को कुंभ लग्न में लक्ष्मी पूजन करने से बचना चाहिए। वृषभ या सिंह लग्न का चयन व्यापारियों को छोड़कर सभी को ग्रहण करना चाहिए।

Lakshmi puja kis lagna me ki jati hai.

लक्ष्मी के साथ गणेश की पूजा क्यो की जाती है - Lakshmi ke ganesh puja kyo ki jati hai -


शास्त्रों में कहा गया है कि किसी भी कार्य को संपन्न बनाने के लिए सर्वप्रथम गणेश पूजन आवश्यक है l अतः गणपति जी को प्रथम पूज्य मना गया है l लक्ष्मी धन की स्वामिनी है और गणपति जी बुद्धि के दाता हैं l धन का सही सदुपयोग सद्बुद्धि के द्वारा ही किया जा सकता है । अतः लक्ष्मी माता के साथ गणपति जी की पूजा की जाती है ।

शास्त्रों के अनुसार मान्यता -
 मां लक्ष्मी धन की देवी हैं इनकी सिद्धी से ही जीवन में भौतिक सुख - सुविधाएं प्राप्त होती हैं। जहाँ लक्ष्‍मी का वास होता है। वहां सुख-समृद्धि का वास होता है l शास्त्रों के अनुसार इस दिन भगवान विष्णु ने दैत्यराज बलि की कैद से माता लक्ष्मी सहित अन्य देवताओं को भी मुक्त कराया था लठ दीपावली के दिन लक्ष्मी पूजन किया जाता है ।

लक्ष्मी पूजन सामग्री । Lakshmi pujan samgree -


 रोली, कुमुकम, अक्षत (चावल), पान, सुपारी, नारियल, लौंग, इलायची, धूप, कपूर, अगरबत्तियां, मिट्टी, दीपक, रूई, कलावा, शहद, दही, गंगाजल, गुड़,  फल, फूल, जौ,  दूर्वा, चंदन, सिंदूर, पंचामृत, मेवे,  बताशे, जनेऊ, श्वेस वस्त्र, इत्र, चौकी, कलश, कमल गट्टे की माला, शंख, आसन, थाली' चांदी याँ सोने का सिक्का, चंदन, बैठने के लिए आसन, हवन कुंड, हवन सामग्री, आम के पत्ते, प्रसाद, लाई, शंख, चावल का आटा, गेहूँ का आटा केले के पत्ते ।

लक्ष्मी पूजन के विधि विधान - lakshmi pujan vidhi -


शास्त्रों में मान्यता है कि दीवाली पर विधि विधान से लक्ष्मी पूजन करने पर धन की देवी की कृपादृष्टि बनी रहती है । जिसे जातक धन धान्य से परिपूर्ण रहता है । लक्ष्मी पूजन किसी योग्य ब्राह्मण या स्वयं कर सकता है । तो चलिए जानते है विधि के बारे में -

● सबसे पहले स्वयं नहा धोकर नए वस्त्र पहनकर लक्ष्मी पूजन की तैयारी शुभ समय मे करे ।

● एक चौकी पर लक्ष्मी और गणेश की मूर्तियां इस प्रकार रखें कि लक्ष्मी के दायीं दिशा में गणेश रहें और उनका मुख पूर्व दिशा की ओर रहे। उनके सामने बैठकर चावलों पर कलश की स्थापना करें। कलश के ऊपर एक नारियल रखें लगरा हो सके तो दो बड़े दीपक लेकर एक में घी और दूसरे में तेल भरकर रखें। 

● एक को मूर्तियों के चरणों में और दूसरे को चौकी की दाई तरफ रखें। इसके पश्चात हुम्, धूप, दीप, नैवेध, पुष्प, अक्षत इत्यादि चीजों से प्रेम पूर्वक पूजन करें, भोग लगाये और आरती उतारें  ।

● चौकी को साफ करने के बाद आटे की मदद से चौकी पर नवग्रह यंत्र बनाएं। स्टील के कलश में दूध, दही, शहद, गंगाजल, लौंग इत्यादि भरकर उस पर लाल कपड़ा बांध दें और उसके ऊपर नारियल विराजित कर दें। 

नवग्रह यंत्र पर चांदी का सिक्का रखें और लक्ष्मी - गणपति की मिट्टी की प्रतिमा स्थापित कर गंगाजल से स्नान कराएं । रोली और अक्षत से टीका करें।
भगवान के विग्रह के बाईं तरफ ( यानी आपके दाहिनी तरफ ) देसी घी का दीपक जलाएं। दाहिने हाथ से भगवान को इत्र, अक्षत, पुष्प, मिठाई, फूल और जल अर्पित करें।

lakshmi pujan vidhi.

लक्ष्मी पूजन कैसे करें । Lakshmi puja kaise karen


● पहले से तैयार किए हुए पारंपरिक रीति के हिसाब से 11 या 21 सरसों तेल के दीये जलाकर रखें। इसके साथ ही 1,5 या 7 दीपक देसी घी के जलाएं।

● इसके बाद अपने दाहिने हाथ यानी सीधे हाथ में पुष्प और अक्षत लेकर लक्ष्मी, गणेश सहित सभी देवों का ध्यान करते हुए पूजा का संकल्प करें। इसके बाद सबसे पहले गणपति और लक्ष्मीजी का पूजन करें।

● फिर दीपक पर रोली और अक्षत से टीका करें और जीवन को प्रकाशित करने के लिए दीपक और अग्निदेव को धन्यवाद करें।  इसके बाद महिलाएं माता लक्ष्मीजी को श्रृंगार की सामग्री अर्पित करें।

 यह सामग्री किसी तो दान या उपहार में न दें। मां लक्ष्मी का आशीर्वाद मानकर इसका स्वयं उपयोग करें। इससे मां लक्ष्मी की कृपा आप पर बनी रहेगी।

● इस दिन कार्यक्षेत्र में तरक्की पाने के लिए स्थिर लग्न में श्रीसूक्त का पाठ करें। इस पूजा में गणपति और लक्ष्मीजी के साथ भगवान विष्णु की स्थापना जरूर करें। 

● श्रीहरि को लक्ष्मीजी के दाहिनी तरफ विराजित करें। इस दिन लक्ष्मी माता को कौड़ी और गोमती चक्र के साथ ही शंख और मोती अर्पित करने से मां की असीम कृपा प्राप्त होती है।

व्यापारी वर्ग लक्ष्मी पूजन कैसे करें - Vyapari varg lakshmi puja kaise karen -


व्यापारी वर्ग भी इसी प्रकार पूजन करें और इसके बाद ही बही खातों की पूजा करें, फिर नए लिखने की शुरुआत करें। तेल के अनेक दीपक जलाकर घर के हर कमरे में, तिजोरी के पास, आंगन एवं गलियारों में भी रखें । ताकि क‍िसी जगह पर अंधेरा न रह जाए। मिठाइयां, पकवान और खीर आदि का भोग लगाकर सबको प्रसाद बांटे और प्रेमपूर्वक स्वयं भी परिवार के साथ ग्रहण करें ।

मित्रो Lakshmi puja kaise karen की जानकारी अच्छी लगी हो तो  कमेंट बॉक्स में जय माँ लक्ष्मी लिखना न भूलें ।। लोकेश्वरी कश्यप जिला मुंगेली, छत्तीसगढ़ ।।
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